Weather Alert Today Update 2026: गणतंत्र दिवस के तुरंत बाद देश के मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। एक नया और अत्यंत शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो गया है, जिसका सीधा प्रभाव अब मैदानी राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। इस मौसमी बदलाव के कारण राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में बादलों के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना काफी प्रबल हो गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात दर्ज किया गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली में भी बर्फबारी का सिलसिला जारी है। मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। राजस्थान के जयपुर, अलवर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में भी मौसमी गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर और आगरा में आज बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। जैसे-जैसे यह मौसमी सिस्टम आगे बढ़ेगा, 28 और 29 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे जिलों में भी मौसम बदलेगा। बिहार के पटना और चंपारण जैसे इलाकों में भी हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जिससे कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है। हालांकि झारखंड और पश्चिम बंगाल में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन ठंडी हवाओं का प्रभाव वहां भी बना रहेगा।
प्राकृतिक बदलावों के बीच आर्थिक जगत से भी एक बड़ी खबर आ रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार सोने की कीमत पहली बार 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है। निवेशकों के बढ़ते रुझान और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची हलचल के कारण कीमतों में यह भारी उछाल देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
आगामी 72 घंटे खेती और फसलों की दृष्टि से बहुत संवेदनशील हैं। बारिश और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखें। 29 जनवरी के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के सक्रिय होने से तापमान में भारी गिरावट आएगी और राजस्थान व मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में पाला पड़ने की संभावना है। सरसों और सब्जियों की फसल को ठंड से बचाने के लिए सिंचाई और अन्य कृषि उपायों का विशेष ध्यान रखें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे ही यह पश्चिमी विक्षोभ आगे निकलेगा, मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड की वापसी होगी। आने वाले दिनों में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित यात्रा के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।