आज 29 जनवरी है और जैसा कि मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जताया था, देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक नया और अत्यंत शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हो चुका है। इस मौसमी तंत्र का व्यापक असर अब मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में बादलों की सघन आवाजाही के साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना काफी बढ़ गई है।
पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, लाहौल-स्पीति और चंबा जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात (Snowfall) का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के इलाकों में भी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका है। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी जिलों जैसे जयपुर, अलवर और श्रीगंगानगर में बारिश की गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश के किसान भाइयों के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा और झांसी में बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। धीरे-धीरे यह मौसमी सिस्टम पूर्व की ओर बढ़ेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और गोंडा-बस्ती तक अपनी पहुंच बनाएगा। बिहार के चंपारण, सिवान और पटना जैसे इलाकों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे लंबे समय से चल रहे सूखे जैसी स्थिति से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही यह सिस्टम उत्तर भारत से आगे की ओर प्रस्थान करेगा, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं एक बार फिर से मैदानी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर लेंगी। इसके परिणामस्वरूप तापमान में दोबारा बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। राजस्थान के कई जिलों में पाले (Frost) की संभावना जताई गई है, जो फसलों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ उत्तरी हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी के साथ ठंड बढ़ने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप दोबारा जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
एक ओर जहाँ मौसम अपनी रंगत बदल रहा है, वहीं दूसरी ओर सराफा बाजार से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सोने और चांदी की कीमतों ने आज अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, सोने की कीमत ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े को पार कर गई है। वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की भारी दिलचस्पी के कारण कीमतों में यह भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आभूषण विक्रेताओं और ग्राहकों में काफी हलचल मची हुई है।
आगामी 72 घंटे कृषि कार्यों के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं। बारिश और ओलावृष्टि के दौरान अपनी तैयार फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। ठंड और पाले से सरसों तथा सब्जी की फसलों को बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करना अनिवार्य है। किसान भाई मौसम के इन ताजा अपडेट्स के आधार पर ही अपनी सिंचाई और अन्य कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।
यह मौसम अपडेट वर्तमान उपग्रह चित्रों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम की तात्कालिक स्थिति में किसी भी समय बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम केंद्रों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का नियमित पालन करें।