Advertisement
Advertisements

जबरदस्त चक्रवाती! इन राज्यों में बारिश की चेतावनी; जानें अगले 72 घंटों का हाल देखें Weather Update Alert Today

पीएम किसान योजना लिस्ट 👉 अपना नाम देखें 👈

देश के मौसम विभाग ने आज 29 जनवरी को लेकर नया पूर्वानुमान जारी किया है जिसके अनुसार उत्तर भारत के मौसम में एक बड़ा और प्रभावी बदलाव देखने को मिल रहा है। एक अत्यंत शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस मौसमी तंत्र का प्रभाव अब केवल पहाड़ों तक सीमित न रहकर मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में बादलों की सघन आवाजाही के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना काफी बढ़ गई है।

Advertisements

पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, लाहौल-स्पीति और चंबा जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में भी हिमपात जारी रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं और कुछ चुनिंदा स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी जिलों जैसे जयपुर और श्रीगंगानगर में भी बारिश की गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी।

Advertisements

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर और आगरा में बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है। जैसे-जैसे यह मौसमी सिस्टम पूर्व की ओर आगे बढ़ेगा, इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे जिलों में भी देखने को मिलेगा। बिहार के पटना, सिवान और चंपारण जैसे क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय से चल रहे सूखे जैसी स्थिति में सुधार आ सकता है। हालांकि झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहने का अनुमान है।

Advertisements
पीएम किसान योजना लिस्ट 👉 अपना नाम देखें 👈

मौसम के बदलते मिजाज के बीच आर्थिक बाजार से भी एक बड़ी खबर सामने आई है। वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार सोने की कीमत पहली बार 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है। कीमतों में आई इस अचानक तेजी की वजह से आभूषण बाजार और ग्राहकों के बीच काफी हलचल देखी जा रही है।

आगामी 72 घंटे खेती और फसलों के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं। ओलावृष्टि और अधिक बारिश की स्थिति में किसानों को अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। जैसे ही यह सिस्टम उत्तर भारत से आगे निकलेगा, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं एक बार फिर सक्रिय होंगी जिससे तापमान में दोबारा बड़ी गिरावट आएगी। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पाला पड़ने की भी संभावना है, जिससे सरसों और सब्जी की फसलों को बचाने के लिए उचित प्रबंध करना आवश्यक है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड की वापसी होगी। आने वाले दिनों में शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। सुबह के समय दृश्यता कम होने से यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित यात्रा करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का नियमित रूप से पालन करें।

अस्वीकरण: यह मौसम अपडेट वर्तमान उपग्रह चित्रों और मौसम विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम की तात्कालिक स्थिति में किसी भी समय बदलाव संभव है, अतः स्थानीय मौसम केंद्रों की सूचनाओं पर भी नजर रखें।

Advertisements

Leave a Comment